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वैशाली डायरी

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बिदूपुर:स्थानीय बुद्धिजीवियों,राजनीतिक दल कर रहे समझौते की प्रयास। बिदूपुर:अपराध की योजना बना रहे दो अपराधी गिरफ्तार। जनता-जनार्दन के स्वास्थ्य लाभ के लिए आयूर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा का केंद्र खुला। पितृदेव शिरोमणि व ज्योतिष वास्तु आयुर्वेद भूषण सम्मान मिला! प्रोफेसर अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ एपी दास के असामयिक निधन पर समाज को अद्वितीय क्षति !

परिचय

गणित के शिक्षक होने के साथ ही साथ विज्ञान के सभी विषयों में अपने मजबूत शैक्षिणिक क्षमताओं के साथ आज भी शैक्षिणिक विषयों पर गहन चिंतन करते हैं। एक शांत प्रिय स्वभाव के साथ जीवन को एक उच्च स्तरीय सोच़ के साथ विकसित कर व्यक्तित्व निर्माण में धुरी का काम करते हैं। साधारण जीवन शैली श्री राज किशोर चैधरी जी के व्यक्तित्व को तब और निखारता हैं जब वो मानवतावादी सिद्धांतों को लेकर चिंतन करते हैं। एक शिक्षक का जीवन हमेशा शिक्षा के साथ ही आगे बढ़ता हैं और अपने शैक्षिणिक जीवन को आज तक जीवंत रखकर आगे बढ़ रहे हैं।

श्री राज किशोर चैधरी अपने शैक्षिणिक कार्यकाल के बाद में भी अपने जीवन को सामाजिक कार्यों में लगाकार आगे बढ़ रहे हैं। हर एक व्यक्ति के लिए हमेशा खड़ा रहना जो अपने जीवन में आगे बढ़ना या उठना चाहता है। वहीं मानवता के साथ - साथ प्रकृति सैन्दर्य से प्रेम और पशु, पक्षियों के साथ प्यार उनके व्यक्तित्व को और चार चाॅद लगा देता हैं।

परिवार :

जैसे ही आप श्री राज किशोर चैधरी जी से मिलेगे तो परिवार का स्वरूप स्वयं बढ़ता हुआ दिखेगा। हर वह व्यक्ति जो प्रथम बार भी मुलाकात करेगा, वह अपने जीवन में सदा यादों का गुलदस्ता बनाकर रख लेगा।

परिवार एक माँ-पिता, पति-पत्नि, बच्चों से भी आगे होता हैं, वह देखना हो तो श्री राज किशोर चैधरी के जीवन में आकर देखिए। समाज का एक प्रत्यक्ष आईना के रूप में बनकर भी शांतिपूर्ण तरीकों से आपकों अपने सामाजिक परिवार का बहुमूल्य हिस्सा बना लेंगे।

मातृभूमि माँ शब्दों की परिभाषा जो मातृभूमि की बुनियाद को दर्शता हैं के बेहद ही नजदीक से जीते हैं। मातृभूमि और उनकी सेवा को एक नये स्वरूप में सामाजिक संबंधों के माध्यम से समर्पित कर रखा हुआ है।






शिक्षा :-

प्राथमिक शिक्षा :
संग्रामपुर, हथरूआ, पटोरी

उच्च शिक्षा (10वीं) :
गुलाब बुबना, उच्च विद्यालय, शाहपुर पटोरी

इंटर - कला :
आचार्य नरेन्द्र देव महाविद्यालय, शाहपुर पटोरी

स्नातक - मनोविज्ञान :
समस्तीपुर महाविद्यालय, समस्तीपुर

बी. एड.:-
कानपुर विश्वविद्यालय, कानपुर, उत्तरप्रदेश



संघर्ष :-

श्री राज किशोर चैधरी जब अपने शिक्षा जीवन में मैट्रिक की परीक्षा पास की, उसी समय उनके पिता का साया उठ गया। जिसके बाद घर की जिम्मेवारी का दबाव रहा और घर के सारे खेती-बाड़ी देखने की जिम्मेवारी उनके कंधों पर ही आ गई। जिसके बाद अपनी पढ़ाई करते-करते अपने परिवार को भी संभाला। साथ ही साथ अपने जीवन में एक बेहतरीन शिक्षाविद के रूप में सफर तय किया। जब वह उच्च विद्यालय सिक्किम सरकार में बहाल हुए जीवन का संघर्ष ठहराव की तरफ बढ़ा।



कार्यकलाप :-

कृषक व्यवसाय :
व्यवसाय सिक्किम सरकार में लगभग 6 सालों का अनुभव लेने के साथ ही उनका चयन केंद्रीय विद्यालय भारत सरकार में हो गया और एक गणितज्ञ के रूप में अपनी पहचान बनाई। और विज्ञान के विभिन्न शाखाओं में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के साथ योगदान दिया। आज सेवानिवृत्त होकर जीवन को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लेकर निरंतर काम करते रहते हैं।

रोजगार रोजगार के विभिन्न अवसरों को लेकर अपनी कंपनी का सेवानिवृत्ति के बाद शुरुआत की। आज लगभग सैंकड़ों लोगों की टीम काम कर रही है और उनके सभी टीम सदस्यों को एक परिवार जैसा माहौल मिल रहा है।

कृषि सफ़र :
अपने पिता की मृत्यु के बाद श्री राज किशोर चैधरी को अपने घर में खेती करने का मौका मिला। अपने पिता के पद चिन्हों पर चलते हुए, उन्होंने कृषि में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लगभग 10 से 15 सालों तक खेती के साथ अपना जुड़ाव रखा। फिलहाल अब भी अपने घर छतों पर बागवानी करना, उनको बहुत पसंद है और खेती के विभिन्न आयामों को आप उनके छतों पर देख सकते हैं।।




राजनीतिक सोच़ :-

भारत में राजनीतिक सोच और विचारों का अभाव नजर आता है और इसी अभाव को पूर्ण करने के लिए अपने निरंतर सामाजिक सोच को धरातल पर लाने का विचार करते हुए राजनीतिक जीवन में पूर्णरूपेण समर्पण करने के लिए आ रहे हैं। जैसा कि पूरा हिंदुस्तान जानता है कि आज भारत के सदन में शिक्षित एवं शिक्षाविदों की सूखापन हो गया है। इसलिए इस समय शिक्षाविदों का राजनीति में कदम रखना आने वाले भारत के लिए शुभ संकेत होगा।



सामाजिक सोच़:-

भारत हमेशा से एक सामाजिक और मानसिक रूप से मजबूत विचारधारा को लेकर आगे बढ़ता रहा है। इसलिए जोड़ी है कि भारत का हर नागरिक सुदृढ़ एवं सशक्त बने। इसलिए समाज के उत्थान के लिए अपने जीवन को समाज में समर्पित कर देने की भावना को लेकर श्री राज किशोर चैधरी सादा जीवन एवं उच्च विचार के सिद्धांतों को चरितार्थ कर रहे हैं।



सामाजिक संस्थान:-

बचपन से ही परिवार का जो माहौल मिला, उससे समाज को अपने अनुकूल में ढालने का अवसर मिलते गया। जिसको लेकर हर एक पहलुओं पर एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखकर निर्णय लेते रहे हैं। जिसका यही परिणाम यह है कि अब तिरभूत शोध एवं विकास प्रतिष्ठान के मार्गदर्शक सदस्य के रूप में अध्यक्षता कर रहे हैं।



राजनीतिक सफ़र :-

राजनीतिक सफ़र राजनीतिक सफर भी इनका बहुत ही अद्भुत रहा है। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के समय कर्पूरी ठाकुर के साथ अपना सफर शुरू किया था। जब वह अपनी पढ़ाई समस्तीपुर विश्वविद्यालय में कर रहे थे, तो वहां छात्र संघ के सचिव के रूप में कार्यरत थे। उसी क्रम में कर्पूरी ठाकुर कि उनसे मुलाकात हुई और कर्पूरी ठाकुर हमेशा उन्हें अपने स्नेह प्रेमियों में बनाए रखा। यह निरंतर चलता रहा और समाजवादी बिंदुओं पर अपनी राजनीतिक सफर को निरंतर बढा़ रहे है। वही एक ठहराव कब आयाए जब श्री राज किशोर चैधरी सरकारी नौकरी में चले गए और लगभग 4 दशकों तक अपने दायित्व का निर्वहन शिक्षा के माध्यम से पूरा किया।

जैसे ही श्री राज किशोर चैधरी सेवानिवृत्त हुए वैसे ही अपनी भूमिका को लेकर सामाजिक रूप से सक्रिय हो चलें। और राजनीतिक पृष्ठभूमि में अपनी एक भूमिका निभाने का सोच रहे हैं। संभवत ऐसे शिक्षकों का राजनीति में आना बहुत ही सकारात्मक एवं ऊर्जावान होने की ओर इशारा करती है।





जीवन उद्देश्य :-

मानवीय मूल्यों को मानवता के आधार पर स्थापित करना यह बड़ा काम है और इसी लिए संघर्ष के साथ लक्ष्य की प्राप्ति मानवता का अमूल चूक हथियार है। सबको मिलकर भारत को एक सुदृढ़ राष्ट्र बनाना है। जहां मानवता की कद्र हो और भारत की बहू बेटियों का मान सम्मान हो।

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